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हम सà¤à¥€ के आसपास कोई à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जरूर होता है जो चीज बरà¥à¤—र से लेकर चीज फà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤œ, पिजà¥à¤œà¤¾, डोनट, बिरयानी, कबाब, कà¥à¤› à¤à¥€ खा ले उसका बॉडी वेट कà¤à¥€ नहीं बढ़ता और उसका फिगर सà¥à¤²à¤¿à¤® टà¥à¤°à¤¿à¤® (Slim Trim) ही बना रहता है. तो वहीं, दूसरी तरफ कà¥à¤› लोग à¤à¤¸à¥‡ à¤à¥€ होते हैं जो सिरà¥à¤« हेलà¥à¤¦à¥€ फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥€ खा लें तो उनका वजन तेजी से बढ़ने (Weight Gain) लगता है. à¤à¤¸à¥‡ में वे लोग जिनका जमकर खाने के बाद à¤à¥€ वजन नहीं बढ़ता, उनसे हमें जलन होने लगती है और हम सोचने लगते हैं कि आखिर इसके पीछे का सीकà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ कà¥à¤¯à¤¾ है?
मेटाबॉलिजà¥à¤® रेट के कारण नहीं बढ़ता वजन
तो इसका जवाब है मेटाबॉलिजà¥à¤® (Metabolism). जिन लोगों के शरीर में मेटाबॉलिजà¥à¤® रेट तेज होता है वे सिरà¥à¤« वरà¥à¤•आउट या à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ के दौरान ही नहीं बलà¥à¤•ि आराम की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¥€ शरीर में मौजूद कैलोरीज को तेजी से बरà¥à¤¨ (Calories Burn) करते रहते हैं. हाई मेटाबॉलिजà¥à¤® का मतलब ये हà¥à¤† कि उस वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को अपने शरीर के सही वजन को बनाठरखने के लिठअधिक कैलोरीज की जरूरत होगी और यही कारण है कि जिन लोगों का मेटाबॉलिजà¥à¤® रेट हाई होता है वे अधिक कैलोरी वाला à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाने के बाद à¤à¥€ दà¥à¤¬à¤²à¥‡-पतले ही रहते हैं और उनका वजन नहीं बढ़ता.
अचà¥à¤›à¥‡ से चबाकर खाà¤à¤‚, नहीं बढ़ेगा वजन
सिरà¥à¤« मेटाबॉलिजà¥à¤® रेट ही नहीं बलà¥à¤•ि कई और कारण à¤à¥€ हैं जिनकी वजह से जमकर खाने के बाद à¤à¥€ कà¥à¤› लोगों का वजन नहीं बढ़ता उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ में से à¤à¤• है खाने की सà¥à¤ªà¥€à¤¡. अगर आप à¤à¥€ दà¥à¤¬à¤²à¥‡-पतले लेकिन फिट रहना चाहते हैं तो à¤à¥‹à¤œà¤¨ करते वकà¥à¤¤ हड़बड़ी न दिखाà¤à¤‚. जो लोग धीमी गति से à¤à¥‹à¤œà¤¨ को चबा-चबाकर (Chew Properly) खाते हैं उनका वजन अधिक नहीं बढ़ता कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस बात की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है कि उनका बà¥à¤°à¥‡à¤¨ उनके शरीर को जलà¥à¤¦ ही ये संकेत दे देता कि उनका पेट à¤à¤° गया है. à¤à¤¸à¤¾ करने से आप कम खाà¤à¤‚गे लेकिन पेट à¤à¤°à¤•र खाà¤à¤‚गे.
वेट लॉस के लिठजरूरी है अचà¥à¤›à¥€ नींद
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ कोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥‹à¤² (Cortisol) à¤à¥‚ख को बढ़ाता है और साथ ही शरीर के लिठकारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ और फैटà¥à¤¸ को पचाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल कर देता है. अगर परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नींद न ली जाठतो नींद की कमी की वजह (Loss of Sleep) से कोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥‹à¤² हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ अधिक होने लगता है जिस वजह से शरीर को अधिक नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चता है. इसलिठअगर आप चाहते हैं कि à¤à¤°à¤ªà¥‚र खाने के बाद à¤à¥€ आपका वजन मेनटेन रहे, वेट गेन ना हो तो रोजाना अचà¥à¤›à¥€ नींद लेना जरूरी है.
जेनेटिकà¥à¤¸ का à¤à¥€ है अहम रोल
किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का वजन बढ़ेगा या नहीं इसमें आपके जीनà¥à¤¸ (Genes) का à¤à¥€ अहम रोल होता है. पीà¤à¤²à¤“à¤à¤¸ जेनेटिकà¥à¤¸ नाम के जरà¥à¤¨à¤² में साल 2019 में पà¥à¤°à¤•ाशित à¤à¤• सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ की मानें तो करीब 250 अलग-अलग तरह के डीà¤à¤¨à¤ (DNA) हैं जिनका संबंध मोटापे (Obesity) से हो सकता है. सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ में पाया गया कि जो लोग दà¥à¤¬à¤²à¥‡-पतले थे उनके शरीर में मोटापा बढ़ाने वाले जीनà¥à¤¸ बेहद कम थे. इसके अलावा अमेरिकन काउंसिल ऑन à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ की मानें तो नॉन-à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ थरà¥à¤®à¥‹à¤œà¥‡à¤¨à¥‡à¤¸à¤¿à¤¸ (NEAT) की मदद से मेटाबॉलिजà¥à¤® को 50 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ तक बढ़ाया जा सकता है. इसमें वैसी à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€à¤œ शामिल हैं जो पà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤° वरà¥à¤•आउट नहीं हैं- जैसे फोन पर बात करते हà¥à¤ वॉक करना, बैठे हà¥à¤ अपने पैरों और उंगलियों को हिला लेना आदि.
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